हर सुविधा से लैस होगा कुम्भ – 2019
उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में 2019 के कुंभ मेले को लेकर सरकार कुंभ मेले में आने वाले तीर्थयात्रियों की व्यवस्था को लेकर खासा चिंतित है और यात्रियों को सारी सुविधाएं देने के लिए प्रदेश सरकार यात्रियों की सुविधाओं से जुड़ी हुई तमाम चीजों का खाका तैयार कर चुकी है। इसी के मद्देनजर कुंभ मेले में आने वाले यात्रियों को ठहराने के लिए तंबू शहर का खाका तैयार करके इस शहर को बसाने का काम शुरू कर दिया है और तंबू शहर के अंदर सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने कई कंपनियों की नियुक्ति भी कर दी है जो सभी प्रकार की सुविधाएं कुंभ मेले में आने वाले यात्रियों को उपलब्ध कराएंगे।
इसमें 10-10 हेक्टेयर के 10 ब्लाक होंगे। तीन में डारमेट्री होगी बाकी में विला, सुपर डीलक्स, डीलक्स और स्विस कॉटेज होंगे। उत्तर प्रदेश सरकार का उद्देश्य कुंभ मेले में आने वाले यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा ना हो इसको देखते हुए इस योजना की रूपरेखा तैयार की गई है।
आईजी एटीएस ने बताया कि कुंभ पुलिस के 40 थानों पर एक एक क्यूआरटी नियुक्त रहेगी, इनका प्रशिक्षण स्पॉट द्वारा कराया जाएगा। जिला प्रयागराज पुलिस द्वारा अपनी स्वॉट (स्पेशल वीपंस एंड टैक्टिक्स) टीम तैयार की जाएगी जिसे स्पॉट प्रशिक्षित करेगी। मेला क्षेत्र के संयुक्त नियंत्रण कक्ष में कमांडो और क्यूआरटी से संबंधित कमान एक क्षेत्राधिकारी के पास होगी। संयुक्त अभिसूचना ग्रुप भी बनेगा, जिसमें सभी गुप्तचर संस्थाएं त्वरित गति से सूचनाएं शेयर करेंगी।
कवरेज के लिए सभी सुविधाएं
प्रयागराज में शुरु हो रहे कुंभ-2019 के कवरेज के लिए प्रदेश सरकार ने देशी विदेशी मीडिया के लिए मुकम्मल इंतजाम किया है। अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और स्थानीय मीडिया के साथ ही इलेक्ट्रानिक मीडिया के पत्रकारों के ठहरने के साथ ही रिपोर्टिंग की सुविधाएं विकसित की गई हैं। पत्रकारों को ठहरने के लिए अगल-अलग कॉलोनियां बनाई गई हैं।
इस बार प्रयागराज के कुंभ मेले में कल्पवासियों और श्रद्धालुओं को बिजली कनेक्शन लेने के लिए ज्यादा भागदौड़ करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्हें ऑनलाइन कनेक्शन भी मिलेगा। बिल के भुगतान के लिए भी उपभोक्ताओं को काउंटर तक जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। नेफ्ट अथवा आरटीजीएस के जरिए बिल का भुगतान कर सकेंगे। विद्युत विभाग यह व्यवस्था कुंभ मेले में पहली बार करने जा रहा है। ऑनलाइन कनेक्शन और ई-भुगतान के लिए विभाग ने पंजाब नेशनलएवं आइसीआइसीआइ बैंकों से करार किया है। श्रद्धालुओं को जितने वॉट का एलईडी बल्व एवं ट्यूब रॉड लगवानी होगी, उसके लिए निर्धारित सिक्योरिटी मनी बैंकों के पोर्टल लिंक पर जाकर नेफ्ट अथवा आरटीजीएस के जरिए जमा करना पड़ेगा। इसके बाद यूनिट ट्रांजेक्शन रिपोर्ट (यूटीआर) दिखाकर कनेक्शन लिया जा सकेगा।
बिजली विभाग के प्रयत्नो से रोशनी से जगमगा रहा है कुम्भ क्षेत्र।
कुंभ के लिए शहर में एक हजार शटल बसें चलाने की योजना है। इनमें से पहली खेप के रूप में 520 बसें अक्टूबर में आ जाएंगी। विशेष रूप से डिजाइन इन बसों से शहर में वायु प्रदूषण नहीं होगा। बसें छोटी होने के कारण इनसे जाम की समस्या भी नहीं होगी। कुंभ में सुगम यातायात सुनिश्चित करने के लिए ही कई रूटों पर शटल बसें चलाने की योजना बनी है। अब इन बसों के लिए रूट तय करने का जिम्मा यातायात पुलिस को सौंपा गया है।
कुंभ मेले के दौरान संगम की रेती पर बसने वाले तंबुओं के शहर को बैंकिंग सुविधा से भी हाईटेक किया जाएगा। कुंभ आने वाले स्नानार्थियों व सैलानियों को पैसे के लिए कहीं भटकने की जरूरत नहीं होगी। वह आसानी के साथ कुंभ में बैंकिंग सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। कुंभ क्षेत्र के हर सेक्टर में अस्थाई बैंकों का निर्माण होगा, जबकि जगह-जगह पर एटीएम भी लगाए जाएंगे। इससे श्रद्धालुओं को कैश की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा और वह अधिक संख्या में अपने साथ कैश लेकर चलने व खुद को असुरक्षित महसूस करने की समस्या से भी निजात पा सकेंगे। कुंभ क्षेत्र के प्रत्येक सेक्टर में बैंकिंग सुविधा के लिए अस्थाई बैंक खोले जाने का निर्देश उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी कर दिया गया है और सभी बैंकों के उच्चाधिकारियों को अपनी अपनी शाखाएं कुंभ मेला के दौरान बेहद अनुशासन व सात्विक माहौल में संचालित करने को कहा गया है।
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